कॉंग्रेस यू. पी. की तरह दिल्ली में भी वोट कटुवा पार्टी बनी, बसपा की अच्छी पकड़
दिल्ली में कांग्रेस, यू.पी. की तरह यह वोट काटने वाली पार्टी बन गई है वहीं बसपा की अच्छी पकड़ है
दिल्ली में कॉंग्रेस की हालत बिल्कुल उत्तर प्रदेश जैसी हो है। उत्तर प्रदेश में जैसे तैसे जुगाड़ करके विधान सभा चुनाव में 7 सीटें मिली थी और लोक सभा चुनाव में खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी बुरी तरह हार गए थे। पूरे उत्तर प्रदेश में केवल एक ही सीट जीत पाई थी वो भी सोनिया गाँधी की।
दिल्ली में पिछले चुनाव में कॉंग्रेस की शर्मनाक हार हुई थी उसे न तो विधान सभा चुनाव में और न ही लोकसभा चुनाव कुछ हाथ लगा यानि दिल्ली में हाथ एकदम खाली।
वही अगर बसपा की बात करें तो उसके लिए सुनहरा मौका है जिस तरह से पार्टी सुप्रीमो मायावती भाजपा पर हर मुद्दे पर हावी रहतीं हैं उससे उनके शुभचिंतक बेहद खुश हैं। तथा जो पार्टी का वोट बैंक पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी की तरफ शिफ्ट हो गया था वो अब इस चुनाव में वापस आता दिख रहा है। पार्टी के लोग अधिक से अधिक सीटें जीत कर दिल्ली में बसपा का परचम चाहतें हैं।
बहुजन समाज पार्टी दिल्ली में सभी सीटों पर मजबूती से लड़ रही है उसके सभी प्रत्याशी पूरी ताकत के साथ मैदान में डटें हुए हैं तथा पार्टी सुप्रीमों मायावती की मानवतावादी राजनीती व उनके द्धारा किये गए जनकल्याणकारी कार्यों को जनजन तक पहुँचने का काम कर रहे हैं।